पत्नी कितनी ही खुबसूरत क्यूँ न हो, सालियों की जवानी पे जीजा का दिल आ ही जाता है. और जब सालियाँ भी थोड़ी नटखट हो तो मजेदार jija sali sex story in hindi बन जाती है.. एक चुदक्कड़ सफ़र की शुरुआत-

मोहित की शादी हुए 2 साल हो चुके थे . प्रीति नाम है उसकी बीबी का . मोहित का गारमेंट बनाने की फैक्ट्री है . उसके कारखाने मे बनाये हुए लेडीज़ नाईटी बहुत पोपुलर है . काफी सेक्सी नाईटी बनाता है . कभी कभी अपनी फैक्ट्री की बनी हुई नाईटी को और काट छांट कर अपनी बीबी प्रीति के लिए घर ले कर आ जाता था . प्रीति के गोरे और सुंदर बदन पर यह नाईटी काफी सेक्सी लगाती थी .
उसके बदन पर नाईटी से ज्यादा उसका बदन झलकता था . मोहित भी चाहता था की प्रीति जब रात को रूम मे आए तो उसके मखमली बदन को देखने के लिए ज्यादा तडपना न पड़े . उसकी गोरी चिट्टी चुचिया उसकी नाईटी से झलक पड़ती थी . उसे देखकर मोहित का लंड फन फना जाता था..और लंड उसके बदन से नाईटी के उतरनेका इंतज़ार करता था. मोहित कभी भी कंडोम नही लगाता था और इसीलिये सुहागरात को ही प्रीति गर्भवती हो गई थी…उसके बाद उसे मासिक ही नही हुआ.प्रीति प्रेगनेंट है और उसकी डिलिवरी का टाइम आ चुका था . प्रीति ने अपने पीहर फ़ोन करके अपनी चचेरी बहन मिताली को बुलवाया था .
मिताली अपनी एक और बहन नयना के साथ अपने जीजी के घर पर आती है . नयना को पेंटिंग करना पसंद था . वोह अपनी पेंटिंग की प्रदर्शनी लगवाना चाहती थी इसीलिये मिताली के साथ मुम्बई चली आई . नयना एक कुशल डांसर भी थी .
कॉलेज के फंक्शन मे जब वोह डान्स करती थी तो कई मनचलों के दिल की धड़कन बढ़ जाया करती थी .मिताली जब पिछली बार एक साल पहले जब अपने जीजी के घर आई थी तब प्रीति , मोहित और मिताली काफी हँसी मज़ाक कर के अपना टाइम पास कर लिया करते थे . मिताली अपने जीजा जी के काफी क़रीब हो गई थी . हालांकि उनके शारीरिक सम्बन्ध नहीं बने थे लेकिन अपनी जीजी के सामने मोहित से काफी लिपट चिपट कर रहती थी . आलिंगन और चुम्बन तक ही सम्बन्ध कायम हो पाए थे . और प्रीति भी उसे बुरा नही मानती थी .
कहती थी की जीजा और साली के बीच मे यह सब चलता है .प्रीति , मिताली और नयना आपस मे चचेरी बहने थी . उनकी उम्र मे ज्यादा फरक नही था . तीनो काफी गोरी और सेक्सी बदन की मलिक थी . तीनो मे कौन ज्यादा खूबसूरत है यह कहना काफी मुश्किल था .जब शाम को मोहित घर आया तो उसे बेडरूम से काफी आवाजे और हंसाने की आवाजे सुने दी . वोह समझ गया की मिताली आ गई है .
उसका मन हिचकोले खाने लगा . क्यों नही आख़िर उसकी सबसे सेक्सी साली जो थी .वैसे भी पिछले तीन महीने से उसके लंड को चूत नही मिली थी और उसे पूरा भरोसा था की इस बार वो मिताली की चूत चोद लेगा वोह जैसे ही रूम मे घुसा तो देखता है की उसकी साली एक नही दो -दो सालिया प्रीति के साथ बेड पर बैठ कर उसके द्वारा लायी गई नाईटयों को देख रही है .
मोहित सीधा मिताली के पीछे जाकर उसकी आंखों को अपने हाथों से बंद कर अपने से चिपका लिया ..ऐसे ही उसका लंड भी खड़ा हो रहा था और वो मिताली के पीठ पर तुका दिया था उसने पैंट के अन्दर से..मिताली कहने लगी , “अरे क्या जीजा जी , बड़ी देर करदी घर आने मे . आपको तो मालूम था की हम लोग आज ही आने वाले है फिर भी देर से आए हो .”मोहित ने पलट -ते हुए जबाब दिया , “सॉरी my डार्लिंग .
थोड़ा ऑफिस मे काम आगया था इसलिए लेट हो गई . चलो अब हमे माफ़ कर दो .”और अपने लंड को अभी भी उसके पीठ से चिपकाये रखा..मिताली भी थोड़ा पीछे झुक कर उसे और दबा रही थी .लंड झटके मार रहा था.मिताली ने मोहित के हाथों को अपने हाथों मे लेते हुए कहा , “चलो जाओ माफ़ किया .
लेकिन आपको भी हमारी जीजी का ध्यान रखना चाहिए . इस हाल मे ज्यादा अकेले नही छोड़ना चाहिए .”तभी नयना बोल पड़ी , “हम भी है इस महफ़िल मे .”मोहित नयना की तरफ़ आँख मरते हुए कहा , “अब तुम्हारी जीजी को तो क्या , तुम दोनों को भी अकेले नही छोडूंगा .”फिर मोहित नयना को थोड़ा खिसका कर वहीँ बेड पर ही अपने लिए जगह बाना कर बोला , “क्या बात है ?नाईटियों की प्रदर्शनी लगा रखी है .”
मिताली ने एक नाईटी को उठाकर उसके बीच मे से झांकते हुए बोली ,” नही जीजा जी . हम सब तो यह देख रहे थे की इन नाईटियों को पहनने के बाद बदन पर नाईटी दीखती है या हमारा बदन .”नयना आंख मारते हुए बोली , “जीजा जी बड़ी सेक्सी नाईटी डिज़ाइन करते हो . पुरा बदन उघाड़ कर रख देती है यह नाइटिया .”मोहित भी हाजिर -जवाब था . तुरंत बोल पड़ा , “जाओ इन्हे पहनकर आओ .
हम भी जरा देखें की हमारी नाईटी ज्यादा सेक्सी है या तुम्हारा बदन .”इसी तरह उनके बीच हँसी मज़ाक चल रहा था . तभी एक जोक्स के बीच प्रीति को ज्यादा ही हँसी छुट गई . ज्यादा हंसने से उसके दरद उठाने लगा . सो फोरुं प्रीति को ले कर वोह तीनो हॉस्पिटल रवाना हो गए . और आधे घंटे के बाद नर्स ने एक लड़के के जनम लेने की बधाई उनको दी . मोहित , मिताली और नयना तीनो ही लड़के के जनम पर काफी खुश हुए .
और एक दुसरे को बधाईयाँ दी . फिर Dr. की इज़ाज़त ले कर अन्दर जा कर प्रीति को भी बधाई दी . रात को रुकने के नाम पर पहले तो Dr. ने साफ मना कर दिया पर ज्यादा जोर देने पर Dr. ने कहा , “चलो आज रात तो एक जन रुक सकता है लेकिन कल किसी को रुकने की इज़ाज़त नही दूँगी . आख़िर हमारी नर्सें है जच्चा और बच्चा की देखभाल के लिए .”एक रात के लिए हाँ भरने पर मिताली ने वहीँ रुकने का इरादा बताया..
असाल मे उसे लगा की नयना उसे रुकने नही देगी और ख़ुद रुकेगी..वो जीजा जी के साथ घर जायेगी..और फ़िर जीजा जी ने उस दिन जो लंड उसकी पीठ मे लगाया था उसे आज अपने मुह मे और चूत मे लेगी…लेकिन नयना ने कुछ नही कहा..इसलिए मिताली को ही रुकना पड़ा . मोहित मिताली को वहीँ रुकते देख थोड़ा मायूस हुवा क्योंकि वोह आज रात मिताली के साथ सेलिब्रेट करने का प्लान बना रहा था .
लेकिन कुछ न कहकर नयना को लेकर वापस घर की तरफ़ चल पड़ा . घर के नीचे नयना को छोड़ उस -से कहा की मई आधे घंटे मे आता हूँ .मोहित आधे घंटे बाद एक व्हिस्की की बोतल और एक शेम्पन की बोतल ले कर घर पर आ गया . डुप्लिकेट चाबी से दरवाज़ा खोल नयना को आवाज दी . नयना उस समय बाथरूम मे थी . बाथरूम से वापस जवाब दिया , “जीजा जी बाथरूम मे नहा रही हूँ . पंद्रह -बीस मिनट मे आती हूँ .”मोहित नयना को बाथरूम मे देख हॉल मे व्हिस्की की बोतल बर्फ और ग्लास लेकर सोफा पर ही पसर गया .
साथ ही CD प्लेयर चालू कर इरोटिक डान्स की एक CD चालू कर दी . CD मे इंग्लिश धुन के साथ कई लडकिया आधी से ज्यादा नंगी हो कर नाच रही थी . मोहित भी इंग्लिश धुन के साथ बैठा बैठा झूम रहा था . उसकी भूखी आंखें उन गोरी लड़कियों के बदन पर जमी हुयी थी . उन नाचती गोरी हसीनो के मम्मे उनके कपड़े से बाहर आने को बैचेन थे . अपनी गोरी -गोरी झंघें फैला कर अपनी छुपी हुयी चूत का इजहार कर रही थी .
मोहित की आँखें उनकी जांघों के बीच चिपकी हुयी थी . उसका भूखा लंड भी उनको नंगा देख बैचेनी से अन्दर ही अन्दर मचल रहा था . बूखा तो होना ही था कारन की Dr. ने प्रीति के साथ सोने से फिछले तीन महीने से ना कर रखा था जो .जब तक नयना बाथरूम से आई तब तक मोहित दो पैग चढ़ चुका था . उसके आँखों मे व्हिस्की का सुरूर चढ़ाने लग गया था . नयना ने अपनी जीजी प्रीति की एक नाईटी निकल कर पहन ली .
जब कांच से अपने बदन को देखा तो कुछ झेम्प सी गई . बदन पर नाईटी तो थी फिर भी पुरा बदन साफ दिखाई दे रहा था . कांच मे अपने बदन को गौर से देखने लगी . अपने दोनों हाथों से अपने चुन्चियों को सहलाने लगी और अपनी निपल को चुटकी में भर कर दबाने लगी . रूम मे बैठकर चारो जब हँसी मज़ाक कर रहे थे तभी से ही उसकी चूत मे खलबली मची हुई थी . नॉन -वेग . जोक्स से पुरे बदन मे स्त्री और पुरूष के सम्बन्ध की विवेचना चल रही थी . साथ मे जीजा जी का बारबार उसके गालों पर चुम्बन उसको वासना की आग मे जला रहा था .
मन ही मन जीजा जी के पसंद के दाद देने लगी . फिर भी उसने उसके ऊपर एक झीना गाऊन और पहन लिया .मोहित ने कहा कुछ नही . आओ बैठो . नयना वहीँ खड़ी खड़ी बोली , “अकेले ही पियोगे या हमे भी कुछ चखने दोगे .”मोहित ने अपनी ग्लास को नयना के चहरे के नजदीक ला कर उसके मदमस्त होंठों से लगा दिया . नयना एक साँस मे ग्लास मे जितना था (आधे पैग से भी ज्यादा ) गटक लिया और लगी खांसने .
अपना मुहं बिगाड़ते हुए बोली , “उफ़ , कैसी कड़वी है यह शराब .”मोहित हंसने लगा . फिर नयना को अपने क़रीब खींच कर उसके होंठों पर पड़ी शराब की कुछ बूंदों को चाट लिया और बोला , “हमे तो कड़वी नही लगाती . लगता है पहली बार टेस्ट कर रही हो .”
नयना की उखड़ी साँस थोड़ी शांत हुयी तब बोली , “हा , पहली बार पी रही हूँ . इससे पहले एक दो बार बियर जरूर पी है .” फिर TV पर डान्स देखने लगी . मोहित ने भी नयना को अपने पास सोफा पर बैठाकर एक -दो घूंट और पिला दिया . नशा जब हल्का हल्का चढ़ाने लगा तो नयना बोली , “क्या ऐसा डान्स देख रहे हो .
इससे अच्छा तो मे नाच सकती हूँ .”मोहित ने पहले सोचा की सायद नशा होने की वजह से वोह बोल रही होगी . लेकिन दूसरी बार कहने पर उसने TV बंद कर दिया और बोला , “तो दिखाओ मेरी जान . हम भी देखें तुम कितना अच्छा नाच सकती हो .”चल्लेंज मान कर नयना ने एक ऑडियो CD लगा कर नाचना चालू कर दिया . ऑडियो CD रीमिक्स सोंग्स की थी .
और पहला गाना ही “कांटा लगा ” था . नयना कांटा लगा की धुन पर नाचने लगी . इसी बीच जो झीना गाऊन पहने हुए थी उसे निकाल कर मोहित की और उछाल फेंका . मोहित की साँसे ये सुब देख कर भारी हो उठी . उसके पुरे शरीर मे वासना की लहरे हिलोरे मार रही थी . लंड उत्तेजना से पागल हो रहा था . पुरे बदन मे लहू सन -सन -सन करके दौड़ रहा था . अपने लंड को किसी तरह से उसने दबा रखा था..
नयना का बदन कहीँ से भी स्थिर नही था . उसका जलवा अपने पुरे उफान पर था . कभी नजदीक आकर तो कभी दूर से ही मोहित को अपने बदन की नुमाइश कर के उकसा रही थी . शराब और शबाब अपने पुरी रवानी पर था . पूरे हॉल मे जोर जोर से उठ बैठ रही सांसे म्यूजिक से ताल से ताल मिला रही थी . नयना धून के साथ अपनी ताल मेल बैठा कर मोहित को बेकाबू करने मे लगी थी . मोहित भी बेकाबू हो कर अपने सूख रहे होंठों पर जीभ बार बार सहला रहा था .
नयना की भरी भरी छातियां उछल उछल कर मोहित को आमंत्रण दे रही थी की आओ मुझे दबोच लो . उसकी मस्त जंघे हठी की सूंड की तरह झूम रही थी . कभी फैला कर तो कभी सिकोड़ कर अपनी चूत को दिखा और छुपा रही थी . पीछे घूम कर अपने चूतड मटका मटका कर नाच कर मोहित के लंड को उसने शायद एक इंच ज्यादा लंबा कर दिया और मोती की तो बात ही क्या थी. वह बेकाबू हो चुका था..
तभी मोहित सोफे से उठकर नयना के पास जा ही रहा था की नयना ने उसको वापस धकेल कर सोफे पर वापस बैठा दिया और अपने चूतड को उसकी गोद पर रख कर उसके लंड को रगड़ने लगी .लंड इस रगड़ाई से एकदम बौखला गया . मोहित के बदन का सारा लहू मनो इस वक्त उसके लौडे मे समाया हुआ था . उसने अपने दोनों हाथों से नयना के कबूतरों को जकड लिया . भारी -भारी दोनों उरोज मोहित के हाथों मे भी नही समां रहे थे .
चिकनी नाईटी की वजह से दोनों कबूतरों पर से उसके हाथ फिसल रहे थे . नयना के कबूतर शिकारी को इतना नजदीक देख कर फड़फडाने लगे . वोह अपने सीने को अपने कंधे पीछे की और करके आगे तान रही थी . जिससे उसके भरपूर मस्त उरोज और आगे आकर इस समा को और रंगीन बना रहे थे .
मोहित ने पागल होते हुए उसकी नाईटी को उरोजो के सामने से पकड़ कर फाड़ दिया और उसके चुंचियों को को अपने हाथो मे लेकर तौलने लगा . फिर उसके दोनों घुन्डियों को अंगुली के बीच मे लेकर जोर से मसल दिया .हॉल मे पहुँची तो उसकी आग और बढ़ गई . TV मे मादक धुन के साथ नाच रही इंग्लिश मेमो को अपने बदन पर से बचे खुचे कपडे उतार कर फेंकते हुए देख उसके दिल की धड़कन और बढ़ गई .
ख़ुद एक अच्छी डांसर तो वोह थी ही . पीछे से आकर अपना चेहरा जीजा जी के गाल से चिपका कर बोली , “बोलो क्या बोल रहे थे .”नयना के मुँह से सिस्कारी निकल गई . “उई.ई.ई.ई.i माँ आ.अ.अ.आ….स्.स्.स्.स्.स्.स्.स्. धीरे से .”मोहित अब आराम से उसकी चुचियो को सहलाने लगा . नयना अपने चूतड की रगड़ाई चालू रखी थी . मोहित के लंड को काफी दिनों बाद चूत की महक मिल रही थी . फिर यह तो साली की चूत .
नशा शराब के साथ शबाब का डबल हो रहा था . उसके नशीले बदन को अपनी बाँहों मे समेट कर इस रगड़ाई को रोक कर अपनी अनियंत्रित हो रही सांसों को समेटने मे लगा . नयना के शरीर को सामने कर उसके रसीले होंठों को चूमने लगा . उसके होंठों के रस को पीकर वोह और मतवाला हो गया . नयना के गुलाब की पंखुड़ियों जैसे नाजुक होंठों को अपने होंठों से दबाने लगा . अपनी जीभ को नयना की जीभ से टकरा रहा था .
दोनों की जीभें पेंच लड़ा रही थी और हाथ उसके दोनों कबूतरों को अपने मे समाते हुए धीरे धीरे मसल रहे थे और नयना के मुह से आह्ह..ओह्ह..उफ़..स्.स्.स्.स्.स्…जीजा जी ..आई..ल व ..यु…ओओओह..जैसी मादक सिस्कारी निकल रही थी.मोहित होठों से अपने होठों को छुड़ा कर अपनी जीभ को नयना के चुंचियों की तरफ़ ले आया . “उफ़ क्या क़यामत है ,” ऐसे कहते हुए अपनी जीभ से उसकी गुलाबी चूचियों को चाटने लगा . अपनी साली की चुचिया अपनी इतनी नजदीक देख मोहित और पागल होने लगा . उसके होंठों को अमृत का स्वाद मिल रहा था .
अपनी गीली जीभ से उप्पेर से नीचे और नीचे से उप्पेर उसके स्तनों और घुन्डियों को चाटने में लग गया . कभी कभी गोल गोल जीभ फिराने लगा..घुन्ड़ियां सख्त होने लगी और उसके ठोस स्तन पर से उसकी जीभ बार बार फिसलने लगी. फिर अपनी अन्गूलियो से निपल को पकड़ लिया और लगा मसलने नयना के सिस्करियो की आवाजे तेज होने लगी..आह्ह्ह.. उफ़..श श श .स्..स्…स्..ई..ईई.ई.इईई…जीजा जी …और करो..अच्छा..लग..रहा..है…ऊह्ह माँ..नयना के मुह से सिस्कारी निकल रही थी .