जब वो अस्पताल पहुंचे तो काम्या और राम्या वहां पहले ही मौजूद थी। तेजी से सभी अंदर गए तो देखा कि करण आईसीयू में भर्ती हैं और सिर में बहुत गहरी चोटे अाई हैं।
समर डाक्टर से मिलता है तो वो उसे बताते हैं की उसके बाप की हालत बहुत ज्यादा खराब हैं और बच पाना नामुमकिन है। समर के तो होश उड़ गए वो तेजी से आईसीयू की तरफ भागा तो देखा कि करण अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था।
सबसे बुरा हाल तो राम्या का था। वो तो लगातार अपने बाप को देखे जा रही थी और रोए जा रही थी। समर उसके पास आया और अपने बाप का हाथ अपने हाथों में ले लिया।
समर:” पापा मैं आपको बचाने के लिए सब कुछ दांव पर लगा दुगा। कुछ नहीं होगा आपको।
करण:” ब बेटा सबका ध्यान रखना। मैं बच नहीं पाऊंगा, वादा कर मुझसे अपनी मा , बहन और माही को कभी कोई दुख नहीं देगा।
और ऐसा कहकर वो अपन हाथ आगे बढ़ा देता हैं तो समर अपनी भीगी हुई आंखो से अपने बाप का हाथ थाम लेता है।
करण एक आखिरी सांस लेता हैं और राम्या की तरफ देखता हैं और उसकी आंखे खुली की खुली रह गई। करण अब दूसरी दुनिया में पहुंच चुका था।
सारे परिवार की आंखो से आंसू निकल पड़े। राम्या तो बेहोश हो गई और उसे हॉस्पिटल में ही एडमिट किया गया और सोनम भी आ गई ताकि वो राम्या का ध्यान रख सके। काम्या और माही वहीं फर्श पर गिर पड़ीं । समर जैसे तैसे करके अपने आपको संभालता है और डैड बॉडी को लेकर घर आता हैं।
डैड बॉडी घर के बीच में रखी हुई थी और उसके चारो तरफ लोग बैठे हुए थे जो कि समर और करण के मिलने वाले थे। काम्या और माही बार बार बेहोश हो रही थी।
भीमा भी आ चुका था और उसके साथ ही कबीले से कुछ लोग भी आ गए थे। धार्मिक रीति रिवाज के साथ करण का अंतिम संस्कार किया गया जिसमें शहर के सभी नामी गिरामी लोग शामिल हुए। एक एक करके सब मेहमान चले गए। अब बस घर में भीमा और गांव के कुछ लोग रह गए थे। भीमा की नजरे राम्या को ढूंढ रही थी लेकिन वो कहीं दिख नहीं रही थी।
बाद में उसे पता चला कि राम्या हॉस्पिटल में एडमिट हैं तो वो उससे मिलने हॉस्टिपल गया तो राम्या अभी भी बेहोश ही थी। भीमा को उसकी हालत देखकर बहुत दुख हुआ क्योंकि वो उसे पसंद करने लगा था। रात में सोनम सिर्फ राम्या के पास रुक गई जबकि पूरा परिवार घर पर जमा था।
सोनम के मम्मी पापा खाना लेकर आ गए लेकिन किसी का भी खाना खाने का बिल्कुल मन नहीं था ।
सोनम पापा :” बेटा समर थोड़ा सा खाना खा लो , मौत के आगे सब मजबुर हैं संभालो अपने आपको बेटा तुम्हे अब पूरे परिवार का ध्यान रखना होगा।
समर का चेहरा आंसू से भीगा हुआ था । उसने बड़ी मुश्किल से अपने आपको संभाला और बोला”
” नहीं अंकल मेरा बिल्कुल भी मन नहीं हैं
सोनम पापा:” बेटा जिंदा रहने के लिए तो खाना ही पड़ेगा। समझने की कोशिश करो
भीमा: थोड़ा सा खा लो, ज़िन्दगी मुश्किलों का ही नाम हैं समर ।
सबके समझाने पर वो खाने के लिए तैयार होता हैं तो उसे काम्या और माही की याद आई जो अंदर कमरे में बैठी हुई रो रही थी। सभी लोग अंदर गए और उन्हें बहुत समझाया तब कहीं जाकर वो चुप हुई।
फिर बड़ी मुश्किल से सबने थोड़ा सा खाना खाया और और पूरा परिवार दुख में ही डूबा रहा। अगले दो दिन के अंदर सभी रीति रिवाज संपन्न हो चुके थे इसलिए भीमा इजाज़त लेकर कबीले वापिस चला गया जबकि राम्या अभी भी हॉस्पिटल में ही एडमिट थीं। धीरे धीरे एक हफ्ता बीत गया और राम्या भी ठीक होकर घर वापिस आ गई। करण की मौत यूं तो पूरे परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सदमा थी लेकन सबसे ज्यादा राम्या टूट गई क्योंकि वो घर में सबसे ज्यादा प्यार करण से करती थी।
पूरा परिवार उसको समझा रहा था इसलिए धीरे धीरे वो थोड़ा नॉर्मल होने लगी। करण की मौत हुए एक महीना बीत गया था और पूरे घर में किसी की हंसी तक नहीं गूंजी थी।
एक दिन सब लोग बैठे हुए थे तो समर बोला:”
” मम्मी जो होना था वो हो गया , पापा तो अब वापिस नहीं आएंगे। अगर आप सभी मर्जी हो तो मैं कल से ऑफिस जाना शुरू करना चाहता हूं।
काम्या दुखी मन से;” हान बेटा तू भी काम देख अपना, और राम्या तो भी अपनी पढ़ाई शुरू कर बेटी कल से।
उस दिन शाम को सब खाना खाकर साथ ही सो गए। अगले दिन से समर ने ऑफिस जाना शुरू कर दिया तो उसका ध्यान काम में लगने लगा। दूसरी तरफ राम्या भी कॉलेज जाने लगी।
माही ने भी अपना पार्लर का काम शुरू कर दिया और काम्या घर के काम में लग गई। फ्री होने पर वो भी माही के साथ पार्लर में लग जाती थी।
आज 15 जनवरी थी यानी राम्या का जनमदिवस। समर ने दिन में केक का ऑर्डर कर दिया था । माही ने सोनम और उसके मम्मी पापा को भी बुलावा भेज दिया था कि वो रात को ठीक 12 बजे आ जाए।
काम्या के बेडरूम को अच्छे से सजा दिया गया और उसमे केक लगा दिया। राम्या उपर अपने कमरे में पड़ी हुई करण को याद कर रही थी। हर साल उसका बाप उसका जन्म दिन पूरी धूम धाम से मनाया करता था।
रात के 12 बजने वाले थे और सभी मेहमान घर आ गए थे जिनमें राम्या की कुछ कॉलेज की दोस्त भी थी। समर राम्या के रूम में गया और वो नीचे लेकर आ गया कि चल तुम्हे मम्मी बुला रही है।
राम्या ने जैसे ही काम्या के बेडरूम का दरवाजा खोला तो उसकी आंखे खुशी और हैरानी से खुली की खुली रह गई। पूरा परिवार उससे कितना प्यार करता हैं आज उसे महसूस हुआ।
सभी ने उसे गले लगाकर जन्म दिन की बधाई दी और राम्या खुश हो गई। आज पहली बार घर में खुशी लौट आईं थीं।
समर ने राम्या को तोहफे में एक हीरे की अंगूठी दी तो सभी लोगो ने कुछ ना कुछ गिफ्ट राम्या को दिया। फिर केक काटा गया तो सबने एक एक करके राम्या को केक खिलाया । राम्या ने सबसे पहले काम्या को केक खिलाया और उसके बाद समर और माही को। एक एक करके सभी मेहमानों ने केक खाया और सभी लोग वहीं समर के घर पर ही सो गए।अगली सुबह समर ने देखा कि काम्या ने सफेद साड़ी पहनी हैं तो उसे बहुत दुख हुआ।
समर;;” मा आज के बाद तुम ये सफेद साड़ी नहीं पहनोगी।
काम्या;” लेकिन बेटा ये तो समाज कि प्रथा हैं और उसी समाज का हम हिस्सा हैं मानना तो पड़ेगा ही
समर;:” नहीं मम्मी, मुझे किसी की फ़िक्र नहीं , आप नहीं पहनेगी मतलब नहीं पहनेगी।
सोनम पापा:” अरे काम्या जी अब जमाना बदल गया हैं । आपको अब बदलना होगा।
काम्या सबके आगे मजबुर हो गई और कपडे बदलने के लिए बाथरूम में घुस गई। थोड़ी देर बाद ही वो बाहर निकली तो समर की आंखे खुली ही रह गई उसे देखकर । वो कुछ ऐसी लग रही थीं। उसने पहली बार साड़ी पहनी थी जिस कारण उसे बड़ी शर्म लग रही थी इसलिए उसने अपनी आंखे बंद कर ली।
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समर की हंसी छूट गई ये सब देखकर। काम्या को उस पर गुस्सा आ गया और वो उसे मारने के लिए उसके पीछे दौड़ी तो समर भागकर उपर चला गया तो काम्या उसके पीछे पीछे ही उपर भागी उसे मारने के लिए । नीचे खड़े सब लोग हंस रहे थे उसे देखकर।
काम्या ने कमरे में घुसकर समर को पकड़ लिया और उसकी कमर पर मारने लगी तो समर ने उसे अपने गले लगा लिया। काम्या भी गुस्सा भूलकर उससे लिपट गई। दोनो मा बेटे एक दूसरे से लिपटे रहे तो समर ने अपनी मा का गाल चूम लिया और उसे चिडा दिया तो काम्या ने आंखे दिखाते हुए अपने होंठो को अपने बेटे के होंठो पर रख दिया । उफ्फ दोनो एक दूसरे के होंठ चूसने लगे।
दोनो मा बेटे सब कुछ भूल गए और काम्या ने समर के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी।
तभी नीचे से किसी के आने की आवाज सुनाई पड़ी तो दोनो अलग हो गए और नीचे की तरफ चल दिए ।
काम्या समर का कान पकड़ कर उसे नीचे की तरफ ले आयु तो सभी मुस्कुरा दिए।
फिर सबने खाना खाया और अपने अपने घर चले गए। माही ब्यूटी पार्लर चली गई और राम्या अपने कॉलेज ।
आज समर का अखाड़ा जाने का मन नहीं था इसलिए वो घर पर ही था और काम्या भी घर ही थी। काम्या घर के काम में लगी रही और समर सोफे पर बैठा हुआ टीवी देखने लगा। जल्दी ही काम्या का काम खतम हो गया और वो हॉल में आ गई और समर के पास बैठ गई और अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया। समर ने अपनी उंगली काम्या के बालो में निकालनी शुरू कर दी। antarvasna sex story
दोनो मा बेटे ऐसे ही एक बैठे रहे तभी समर ने अपनी आंखे काम्या की आंखो से मिला दी तो दोनो जैसे एक दूसरे में खो से गए।
काम्या की आंखो में आंसू आ गए तो समर तड़प उठा।उसने दोनो हाथो में अपनी मा का चेहरा भर लिया और उसकी आंखो में देखते हुए कहा:
” मा बस अब नहीं, बहुत रो ली तुम , आज के बाद आप हमेशा खुश रहेगी।
काम्या:” बेटा मैं कोशिश तो करती हूं, लेकिन करण मेरा पति था ।
समर:” मा क्या मैं आपको प्यार नहीं करता क्या? कैसे यकीन दिलाऊ आपको?
काम्या:” मुझे तुझ पर खुद से ज्यादा यकीन हैं लेकिन वो मेरे पति थे और तू मेरा बेटा हैं ,!
समर उससे छेड़ते हुए:” क्या आपको अपना बेटा पसंद नहीं आया क्या ??.
ऐसा कहकर वो काम्या को अपनी बांहों में भर लेता है और उसका गाल चूम लिया।
काम्या:” तो तू मुझसे दुनिया में। सबसे ज्यादा अच्छा लगता है मेरे लाल,
ये बोलते हुए उसके गाल गुलाबी हो गए । तो समर ने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया और सहलाते हुए बोला:”
” और ये कैसा लगा आपको?
काम्या उससे पूरी ताकत से लिपट गई और उसके कान में बहुत सेक्सी आवाज में बोली:”
” ये तो मेरी जान हैं मेरे लाल, इससे अच्छा तो दुनिया में कुछ हो ही नहीं सकता।
दोनो मा बेटे बहक गए और एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। काम्या पूरी तरह से मस्त हो गई और उसकी आंखे मजे से बंद हो गई। समर ने उसकी गांड़ को दबाना शुरू कर दिया तो काम्या की चूचियां उपर नीचे होने लगी।
समर ने जोश में आकर काम्या की चुचियों को दबाना शुरू कर दिया तो काम्या ने उसका लंड पकड़ लिया और दबाने लगी ।
जैसे ही समर ने उसे नंगी करना चाहा तो काम्या उसकी पकड़ कर से छूटकर उपर की तरफ चल पड़ी
तो समर उसके पीछे भागा तो काम्या तेजी से उपर रूम ने घुस गई और पूरी नंगी हो गई ।जैसे ही समर उपर पहुंचा तो काम्या को नंगी देख कर उसका लंड तन गया उसने भी अपने कपड़े उतार फेंके और काम्या की टांगो के बीच में बैठते हुए उसकी चूत को चूसना शुरू कर दिया।
काम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।
” आह समर, ऐसे ही बस मेरे लाल, चूस ले मेरी चूत, हाय कितना अच्छा है तू।
समर ने जैसे ही जीभ को उसकी क्लीट पर रगड़ा तो काम्या तड़प उठी और उससे बर्दाश्त नहीं हुआ और समर के उपर बैठ गई तो चिकनी चूत पर लंड अड गया तो काम्या ने अपने मुंह से थूक निकाल कर लंड पर लगा दिया और समर की तरफ देखते हुए लंड को चूत के मुंह पर सेट किया और उस पर बैठ गई। समर ने भी अपने दोनो हाथ उसके कंधे पर रख कर नीचे को दबाव बढ़ाया तो लंड चूत में जड़ तक जा घुसा।

” आह मर गई मेरी मा, उफ्फ है राम बचा मुझे, कितना मोटा हैं ये लोला फट गई मेरी चूत !!
समर ने आगे बढ़कर काम्या की चूचियों को पकड़ लिया और काम्या ने लंड पर उछलना शुरू कर दिया तो लंड अंदर बाहर होने लगा।
” आह मेरे लाल, बहुत मजा हैं चुदाई में, हाय मा चुद गई में तो फिर से अपने बेटे के लंड से।!!
समर से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने काम्या को पलटा देकर नीचे कर लिया और एक ही झटके में लंड को चूत में पुरा उतार दिया ।।
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” आह शैतान, थोड़ा प्यार से चोद मुझे , तेरी सगी मा हूं , मार मेरी चूत aahhhh
समर ने पूरी ताकत से अपनी मा को चोदना शुरू कर दिया तो काम्या मजे से आंहे भरने लगी और नीचे से अपनी गांड़ उठाकर चुदने लगी।
समर ने दोनो हाथो में उसकी भारी भरकम चूचियों को पकड़ लिया और दबाने लगा। हर धक्का पर लंड उसकी बच्चेदानी में अड रहा था।
” आह बस ऐसे ही चोद मजे, और तेज , उफ्फ मेरी चूत में कुछ हो रहा है , हाय मेरी चूत ।
समर ने जैसे ही कस कस कर कुछ धक्के लगाए तो काम्या की चूत पिघल गई और उसने पूरी ताकत से समर को भींच लिया तो समर ने भी एक आखिरी तगड़ा धक्का लगाया और लंड को चूत की गहराईयों में उतार दिया और वीर्य की पिचकारी मारने लगा।
दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए पड़े रहे। तभी उन्हें नीचे किसी के आने की आहट सुनाई तो दोनो ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और समर सोने का बहाना करते हुए लेट गया जबकि काम्या बाथरूम में घुस गई।
माही लंच करने अाई थी । जब नीचे कोई नहीं मिला तो वो उपर आ गई और देखा कि समर सो रहा हैं तो उसका माथा चूम लिया । काम्या बाहर आ गई और माही और काम्या दोनो खाना खाने लगे तो समर भी आ गया और सबने साथ खाना खाया।
शाम तक राम्या भी कॉलेज से वापिस आ गई और सभी लोग बैठे हुए शाम की चाय का लुत्फ ले रहे थे। आज सबसे ज्यादा खुश काम्या और राम्या दोनो थी क्योंकि राम्या का आज जन्मदिन था और काम्या आज महीनों के बाद चुदी थी। काम्या के चेहरे पर आज एक अलग ही चमक दिखाई दे रही थी।
माही:” मम्मी बहुत दिनों के बाद आपको खुश देखा हैं अच्छा लगा रहा हैं आपको ऐसे मुस्कुराते हुए देखकर!!
काम्या:” माही दुख तो बहुत हैं मुझे करण का लेकिन ज़िन्दगी कैसी भी हो जीना तो पड़ता ही हैं आखिरकार ।
समर:” मैं पापा की जगह तो नहीं ले सकता लेकिन वादा करता हूं कि आप सबको अब कोई दिक्कत नही आने दूंगा।!!
काम्या के होंठो पर स्माइल आ गई और उसने सोचा कि बेटा जगह तो तू ले ही चुका है अपने बाप की पत्नी को कब्जा लिया हैं
राम्या करण के बारे में बाते सुनकर दुखी हो गई और उसकी आंखे डबडबा गई तो वो उठकर अपने कमरे में जाने लगी। सभी लोगो को दुख हुआ तो समर उसे मनाने के लिए उसके पीछे आया।
राम्या अपने रूम में आ गई और बेड पर लेटकर रोने लगी। समर जैसे ही कमरे में घुसा तो उसने देखा कि राम्या बेड पर पड़ी हुई रो रही है तो वो उसके पास बैठ गया और उसके आंसू को साफ करने लगा तो राम्या और जोर जोर से रोने लगी तो समर ने उसे अपने गले लगा लिया और उसकी पीठ थपथपाने लगा।:” राम्या रोते नहीं मेरी बहन, मौत पर किसी का बस नहीं चलता । मैं वादा करता हूं कि हमेशा तेरा ध्यान रखूंगा। तेरा भाई तुझे हर खुशी देगा। बस अब चुप होजा मेरी गुड़िया
राम्या अपने आंसू रोकने की पूरी कोशिश करती हैं और धीरे धीरे उसके आंसू थम गए। समर ऐसे ही उसकी पीठ थपथपाता रहा तो राम्या भी उससे चिपकी हुई खड़ी रही। समर राम्या की हसाने के लिए उसके पेट में गुदगुदी कर दिया तो राम्या की हंसी छूट गई।
राम्या हंसते हुए:” हट जाओ भाई मुझे बहुत गुदगुदी होती हैं पेट पर , मत छेड़ो मुझे
समर अपनी बहन को हंसते हुए देखकर बहुत खुश हुआ और उसे
ज्यादा गुदगुदी करने लगा तो राम्या उससे बचने के लिए छूटने की कोशिश करने लगी तो समर ने उसे जोर से कस लिया तभी राम्या को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने समर के पर पेट पर गुदगुदी कर दी तो जैसे ही समर की पकड़ ढीली हुई तो वो वो मौके का फायदा उठाकर नीचे की तरफ भाग गई।
समर भी हंसता हुआ उसके पीछे पीछे ही नीचे की तरफ आ गया तो काम्या और माही दोनो राम्या को हंसते हुए देखकर बहुत खुश हुई। आखिरकार उनकी ज़िंदगी फिर से ट्रैक पर आ गई।
सबने खाना खाया और फिर सब सोने के लिए चले गए। राम्या अब कभी कभी अपनी मा के पास सो जाती थी तो कभी अपने रूम में ही उपर। आज वो उपर अपने रूम में लेती हुई थी और सोने की कोशिश कर रही थी।
माही और समर आज बहुत दिनों के बाद अपने बेडरूम में अकेले थें। दोनो बेड पर लेटे हुए थे और एक दूसरे की तरफ देख रहे थे।
समर:” माही अब मम्मी और राम्या का पूरा ध्यान रखना क्योंकि अब उनका हमारे सिवा कोई नही है।:!
माही:” आप बेफिक्र रहो, मैं उन्हें कभी कोई कमी महसूस नहीं होने दूंगी आपकी कसम खाती हूं।
और ऐसा कहकर माही समर के सिर पर हाथ रख कर कसम खाती हैं तो समर उसे अपने गले से लगा लेता हैं और उसका गाल चूम लेता है तो माही भी उससे लिपट गई।
जल्दी ही दोनो के जिस्म से कपडे उतर गए । माही की चूत पुरी तरह से गीली थी । उसने समर को अपने उपर खीचं लिया तो समर 69 की पोजिशन में आ गया और दोनो लंड चूत चूसने लगे। जैसे ही समर ने अपनी जीभ माही की चूत में घुसाई तो माही पिघल गई और अपने दोनो टांगे खुद ही उठाकर समर के कंधे पर रख दी तो लंड अपने आप चूत पर जा लगा समर ने माही की गोल मटोल चूचियां दबाते हुए चूत पर लंड का दबाव तो सुपाड़ा अन्दर घुस गया
:” आह , घुस गया टोपा , हाय मा, कितना दर्द करता हैं ये !”.
तभी समर एक तगड़ा धक्का लगा दिया तो लंड चूत में पूरा जड़ तक जा घुसा। माही के मुंह से दर्द भरी सिसकारियां निकल पड़ी ।
” हाय मा, मर गई री, उफ्फ ये लंड इतना मोटा क्यों हैं , फट गई मेरी चूत।
माही धक्के के लिए तैयार नहीं थी इसलिए उसकी दर्द भरी सिसकारियां जोर से गूंज गई जो राम्या ने भी सुन ली। राम्या की चूत आज तक सिर्फ दो बार ही चुदी थी इसलिए उसने लंड का मजा चख लिया था। ।
माही की सिसकियां उनके कानो में पड़ते ही उसके होंठो पर स्माइल आ गई और जिस्म में हलचल होने लगी तो उसे करण की याद आ गई । उसे याद आए वो हसीन पल जो उसने अपने बाप की बांहों में गुजारे थे। उसकी आंखे नम हो गईं।
उधर समर ने बिना देर किए माही को चोदना शुरू कर दिया। माही के नाजुक जिस्म पर समर पूरी तरह से फैल गया और लंड को पूरी ताकत से अंदर बाहर करने शुरू कर दिया। हर धक्के में लंड पुरा अंदर जाता और सिर्फ सुपाड़े तक बाहर आता और फिर से अंदर घुस जाता । माही को बहुत मजा आ रहा था इसलिए उसने अपनी गांड़ उठानी शुरू कर दी तो चुदाई की रफ्तार बढ़ गई और माही की सिसकियां और ऊंची होती चली गई।
” हाय समर मेरी जान, चोद ले मुझे, कितना तगड़ा लंड हैं तेरा हाय बच्चेदानी में लगता हैं हर बार!!
समर ने उसकी एक चूची को मुंह में भर कर कुछ तगड़े धक्के लगाने शुरू कर दिए तो माही मजा बढ़ जाने के कारण आपे से बाहर हो गई।
” घोड़ी बना के चोद मुझे , चढ़ जा मेरे उपर हाय बहुत मज़ा आता हैं घोड़ी बन कर चुदने में तेरे लंड से!!
उधर राम्या पड़ी हुई उसकी सिसकियां सुन रही थी जिस कारण उसका जिस्म भी तपने लगा। उसकी सांसे भारी होने लगी और गला सूखता चला गया। चूचियां अपने आप उपर नीचे उछलने लगी । उसने शॉर्ट नाइटी पहनी हुई थी हो मुश्किल से उसकी जांघो तक आ रही थी।माही की सिसकियां हर धक्के के साथ ऊंची होती जा रही थी जिससे राम्या की आग और बढ़ती जा रही थी। उसके हाथ अपने आप अपनी चूची पर चला गया और खुद ही अपनी चूची कपडे के उपर से ही दबानी शुरू कर दी
।। मजे से उसकी दोनो आंखे बंद हो चुकी थीं । उसके कानों में माही की सिसकियां गूंज रही थी कि कितना मोटा लन्ड हैं समर का और सीधे बच्चेदानी में लगता हैं।
उफ्फ जब वो चुदी थी एक बार भी करण का लंड अंदर नहीं लगा था। तभी उसकी आंखो के आगे समर का लंड लहरा गया और उसे याद आ गया वो दृश्य जब उसने अपने भाई का लंड देखा था। उफ्फ कितना मोटा था किसी सांड के जैसा, कितना लंबा और मोटा था उसका सुपाड़ा एक दम लाल मोटे टमाटर के जैसा।
वो जोश से पागल हो गई और अपनी नाइटी को कंधे पर से सरका दिया और चूची को हाथ में लेकर दबा दिया तो उसे बहुत मज़ा आया। उसकी चूत में चिंगारी सी उठ रही थी , चूत इस कदर गर्म हो गई थी मानो जल ही जाएगी। चूत से रस टपकना शुरू हो गया और उसकी चूत पुरी तरह से गीली हो गई। उसका एक हाथ अपने आप ही नीचे आया और नाइटी को उपर करके उसने चूत को सहलाना शुरू कर दिया
। जैसे ही चूत पर उसकी उंगलियां लगी तो उसका जिस्म कांप उठा और उसके मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।
तभी माही की सिसकियां फिर से सुनाई दी कि घोड़ी बना कर चोदो मुझे तो राम्या सोच में पड़ गई कि घोड़ी कैसे बनाया जाता हैं। उसने अपनी नाइटी उतार फैंकी और पूरी तरह से नंगी होकर अपने रूम से बाहर निकल गई।
समर के रूम के सामने आ गई और अंदर झांकने लगीं लेकिन गेट पूरी तरह से बंद था और पर्दा भी लगा हुआ था जिस कारण उसे कुछ नजर नहीं आया। तभी उसकी नजर खिड़की पर पड़ी लेकिन खिड़की भी बंद थी।
अंदर समर ने माही को घोड़ी बना दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसकी चुदाई करने लगा । चूत पर पड़े हर धक्के पर माही स्वर्ग में तैर रही थी। वो अपनी गांड़ लंड पर धकेलने लगीं
” हाय समर, उफ्फ हाय आह मेरी चूत एसईईईआईआईआई
उफ्फ एक तो इतना मोटा लन्ड उपर से उसकी मोटी तगड़ी दो गांठ , इस चुदाई का मजा उफ्फ हाय मेरी मा मेरी चूत !!
समर पूरी ताकत से तगड़े धक्के लगाने लगा । हर धक्के पर बेड हिल रहा था और बेड के चरमराने की आवाज और माही की कामुक सिसकियां बाहर राम्या सुन रही थी । काफी कोशिश के बाद भी जब वो अंदर नहीं झांक पाई तो उसने बाहर खड़े खड़े ही अपनी चूची के निप्पल को मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया और एक उंगली अपनी गीली चूत में घुसा दी और अंदर बाहर करने लगी। उसका जिस्म मजे से भर गया और उसकी चूत और उंगली के बीच जंग छिड़ गई। antarvasna sex story
अंदर चुद रही माही की सिसकियां राम्या की उत्तेजना को और ज्यादा बढ़ा रही थी। समर का लंड अब चूत पर भारी पड़ने लगा तो माही की चूत में कम्पन होना शुरू हो गया।
” आह समर, मेरी चूत चुद गई, हाय मेरा रस निकलने वाला हैं घुसा दे पूरा लंड दोनो गांठो सहित जड़ तक हाय मेरी मा।
समर ने एक तगड़ा धक्का लगाया और माही ने भी अपनी गांड़ लंड पर उछाल दी तो लंड पुरा घुस गया और बच्चेदानी से जा टकराया और उसके साथ ही माही की चूत ने अपना रस बहा दिया।
” आह गई मेरी चूत, हाय मा री मर ना जाऊ इस मजे से, हाय मेरी चूत , उफ्फ चुद गई मैं।।
उधर माही का रस छूटते ही राम्या का भी धैर्य जवाब दे गया और उसने अपनी चूत में उंगली घुसा कर उसे अपने चूत रस से नहला दिया और फर्श पर ही ढेर हो गई।
जैसी ही चूत से रस टपकना बन्द हुए समर ने लंड को फिर से अंदर घुसा दिया।माही के मुंह से दर्द भरी सिसकारियां निकल पड़ी
” आह नहीं समर, उफ्फ मेरी चूत आह नहीं हट जा मेरी चूत गई , उफ्फ
समर ने पूरी स्पीड से माही को चोदना शुरू कर दिया और माही की सिसकियां जोर पकड़ने लगी।
बाहर पड़ी हुई राम्या फिर से उसकी दर्द भरी सिसकारियां सुनने लगी।
समर के लंड में भी तूफान सा उठना शुरू हो गया। उसने एक तगड़ा धक्का चूत में लगाया और माही की चूचियों पर गिर पड़ा।
उसके लंड ने पिचकारी मारनी शुरू कर दी। माही ने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर बांध दिए और उसे कस लिया।
बाहर खड़ी हुई राम्या भी अपने कमरे में आ गई। उसे आज लग रहा था कि उसे चुदाई का कुछ भी
ज्ञान नहीं है। अब उसकी आंखो के आगे बस समर का लंड घूम रहा था। उफ्फ क्या करू ! कैसे चुदू अपने भाई से , वो तो माही से इतना प्यार करता है शायद किसी और की तरफ देखेगा भी नहीं।
क्या अपने भाई से चुदना सही होगा!
तभी उसके मन में ख्याल आया कि बाप से चुद सकती हूं तो भाई से चुदने में क्या बुराई हैं ।
इन्हीं विचारों के साथ वो अपनी कशमकश में सो गई।
अभी राम्या की आंख लगे मुश्किल से कुछ मिनट ही हुए थे कि उसका फोन बज उठा। उसने देखा कि राहुल(भीमा) का कॉल करके तो उसने पिक किया ।
रानी:” हाय राहुल कैसे हो?
राहुल:” बस ठीक हूं जी आप कैसे हो , बताओ घर में कैसे है?
राम्या घर की बात सुनकर उदास हो गई। राहुल जानता था कि करण मर चुका हैं लेकिन वो अभी जाहिर नहीं करना चाहता था।
राहुल: क्या हुआ रानी? कुछ तो बोलो ?
रानी:” राहुल मैं ठीक नहीं हूं,पापा की मौत हो गई है। मन नहीं लगता उनके बिना।
राहुल चौंकने का अभिनय करते हुए:” कब और कैसे , क्या हुआ था उनको? antarvasna sex story
रानी:” ऐक्सिडेंट हो गया था उनका, एक महीने से ज्यादा हो गया। ट्रक वाले ने टक्कर मार दी थी।
राहुल:” ओह, भगवान उनकी आत्मा को शांति दे, यकीनन वो एक अच्छे इंसान रहे होंगे तुम्हारी तरह!!
रानी अपनी तारीफ सुनकर अंदर से थोड़ा सा खुश हो गई और बोली:” मेरे पापा दुनिया के सबसे अच्छे पापा थे और मेरे दोस्त भी।
राहुल:” अच्छा, दोस्त तो मैं भी हूं आपका, कभी भी मेरी जरूरत हो तो याद करना मुझे।
रानी:” हान राहुल बस अब तुम्हीं बचे हो एक मेरे दोस्त। उम्मीद हैं तुम कभी मुझे धोखा नहीं दोगे।
राहुल सोच में पड़ गया कि धोखा तो वो से ही रहा हैं क्योंकि झूठ बोलकर बात कर रहा है। फिर वो फैसला करता है कि रमया का दिल पूरी तरह से जीतने के बाद उसे अपनी असलियत बता देगा।
रानी:” क्या हुआ राहुल, किस सोच में डूब गए?
राहुल:” कुछ नहीं , मैं कोशिश करूंगा कि कभी आपका दिल ना दुखे मेरी वजह से।
रानी:” हान राहुल मैं तुम पर बहुत यकीन करती हू।
राहुल:” भरोसा रखो रानी, मैं तुम्हे कभी शिकायत का मोका नहीं दूंगा। वैसे आपकी पढ़ाई कैसी चल रही है?
रानी:” बस ठीक चल रही हैं कल से ही कॉलेज जाना शुरू किया हैं।
राहुल:” अच्छा किया, अब खूब माननीय लगाकर पढ़ाई करो, मुझे बहुत खुशी होगी जिस दिन तुम कामयाबी की बुलंदियों को छू रही होगी।