में पानी पीने के लिये किचेन में गया तो वहां बाजी जोया बत्तन धो कर रही थी। उन्होंने दुपट्टा नहीं लिया हुवा था, जिस वजह से उनके मोटे मम्मे हिलते हये नजर आ रहे थे। गोल-गोल भारी मम्में कमीज में हिल रहे थे। में पानी पीने के बहाने बाजी के पीछे खड़ा हो गया उनसे जुड़कर।
बाजी ने मुझे देखा और कहा- “बाज आ जाओ। यहां कोई भी आ सकता है..”
मैंने कहा- “सब बातों में बिजी है. और हाथ आगे करके बाजी के माटे गुदाज मम्मे पकड़ लिए। नरम मम्मे मेरे हाथों में आए तो उनको दबाने लगा। नीचे लण्ड को चूतड़ों में दबाने लगा।
बाजी हिल रही थी और मना भी कर रही थी। लेकिन मैं मजे से लगा हुआ था। अचानक बाहर से कदमों की
आवाज आई, और में छोड़कर पानी पीने लगा।
आने वाली फूफा थी। उन्होंने कहा- “चाय बनाकर ले आओ..” और फूफी चली गई।
बाजी ने मुझे भी कहा- “तुम भी जाओ अब बाहर.”
गत को सोने के लिये में और खाला रुम में आ गये। बैंड हालांकी दो थे वहां। लेकिन मैं खाला के साथ ही लेट गया। लेटते ही मैंने और खाला ने झप्पी डाल ली। खाला ने मुझे अपने साथ दबा लिया।
खाला ने किस करतं हां कहा- “बड़ा दिल कर रहा है सेक्स करने का… लेकिन मासिक आए हयं है…
मैंने पूछा- “कब जाएंगे?”
खाला ने कहा “परसों खतम होंगे…” मेरा लण्ड अब पूरा हाई होकर खाला की फुद्दी से छ रहा था।
मैंने खाला का एक मम्मा पकड़ लिया जो हाथ में पूरा नहीं आ रहा था। मम्मा दबातें हमें मैंने कहा- “खाला तुम्हारे मम्में बड़े सेक्सी और बड़े-बड़े हैं.”
खाला ने कहा- “तुमको क्या पसन्द है?”
मैंने कहा- “मुझे तुम्हारी गाण्ड और मम्मे पसन्द है…’ गाण्ड पे हाथ फेरते हये मैंने कहा। फिर मैंने खाला को कमीज उतारने का कहा, तो खाला ने कमीज उतार ली, तो मैं भी पूरा नंगा हो गया। अब हम दोनों के गरम जिश्म आपस में मिले हुये थे। खाला के माटे मम्मे मेरे सीने में दब गये थे।
खाला में हाथ नीचें किया और मेरा लण्ड पकड़ लिया। खाला ने कहा- “बेटा ये तो बहुत सख्त हो रहा है..” और खाला उसपे प्यार से हाथ फेर रही थी। जिस वजह से मेरा लण्ड झटके खा रहा था।
मैंने खाला के मम्मे पकड़ लिए और चूसने लगा। निपल अकड़े हुये थे खाला के। मैं निपल को जोर-जोर से चूस रहा था, जिस वजह से खाला की आहे बुलंद हो रही थी। मैंने दोनों मम्मे पकड़े हये थे और जुबान फेर रहा था। मम्मे जोड़कर बीच की लकीर में जुबान ऊपर से नीचे तक फेर रहा था। खाला के नरम मम्मे पकड़कर दबाने और चूसने में अलग ही मजा आ रहा था। मोटे और गोल-गोल मम्मै हल्की रोशनी में चमक रहे थे। लाइट ब्राउन निपल अकड़े हुये सेक्सी मंजर पेश कर रहे थे।
नीचे खाला मेरे लण्ड को मसल रही थी, और लण्ड की टोपी पे अंगूठा घुमाती ता लण्ड में सुरसुराहट होने लगती। मेरा मजे से बुरा हाल था। दिल कर रहा था खाला की फुद्दी में लण्ड डाल दूं। मैं खाला के मम्मे दबाते हमें चूमने लगा, जिसका खाला पूरा सपार्ट दे रही थी।
मैंने खाला से कहा- “मेरा बहुत दिल कर रहा है फुद्दी में लण्ड डालने को..”
खाला ने सेक्सी आइ: भारी और कहा- “फुददी तो नहीं। लेकिन रगड़वा लेटी अगर मासिक ना आए होते। बस परसों तक सबर कर लो…”
मैंने कहा- “खाला तुम्हारी फुद्दी बहुत सेक्सी है। डबल रोटी की तरह फूली हुई है.”
खाला मुश्कुराई और कहा- “बेटा बहुत मजा आता है जब तुम ऐसी बातें करते हो.”
मैंने कहा- “मुझे भी मजा आता है जब तुम सेक्सी बात करती हो…”
खाला ने कहा, “मेरे मम्मों में रगड़ के पानी निकाल लो.”
मैं खाला के ऊपर चढ़कर बैठ गया मम्मों के बीच और लण्ड पें अच्छी तरह थूक लगाकर लण्ड मम्मों के बीच रख दिया, तो खाला ने मम्मे पकड़कर जोड़ लिए। अब लण्ड मम्मों में फंस चुका था। मैं अब लण्ड को आगे-पीछे करने लगा। गुदाज मम्मों में लण्ड फिसल रहा था। नीचे मुझे खाला का नरम पैट मजा दे रहा था। मैं खाला के चेहरे पर हाथ रखें और उनकी आँखें में देखते हुपे लण्ड अंदर-बाहर कर रहा था। कुछ देर बाद मुझे पानी निकलने के महसूस हुवा तो तेज-तेज धक्के मारते हुये में फारिग होने लगा। मेरा पानी खाला के मुँह और गले में बहता नजर आने लगा।
मैं उठकर बगल हुआ तो खाला में पहले मेरा लण्ड साफ किया फिर अपने आपको, और दोबारा लेटकर सो गयें हम दोनों।
सुबह मेरे उठने से पहले खाला उठ चुकी थी। मैं लेट उठा था। अम्मी मुझे जगाने आई थी ऊपा। बैंड के किनारे बैठकर मुझे उठा रही थी। ।
मैंने कहा- “साने दें ना अम्मी और आप भी सो जाओं मेरे साथ..” और ऐसा कहते हये मैंने अम्मी के गले में बाज़ डालें और अपने ऊपर गिरा लिया।
अम्मी ने कहा “किया करते हो बेटा? अब उठ भी जाओ। फिर जाना भी है मकलावा लेकर…”
में ना चाहते हये भी उठ गया। फ्रेश होकर नाश्ता वगैरा किया। मकालावे के लिये फूफो, अम्मी, खाला और एक घर का मर्द साथ जा रहा था। बाकी हम लोगों घर में ही रहना था। जिन्होंने जाना था वो तैयारियों में लग गये। मैं सहन में एक चारपाई पे लेटा टीवी देख रहा था। लेकिन ध्यान मेरा घर की औरतों पर ही था।